Chlorine Gas Leakage From Sewerage Treatment Plant At Sarnath Varanasi – वाराणसीः सारनाथ में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव, घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने पाया काबू 

Chlorine Gas Leakage From Sewerage Treatment Plant At Sarnath Varanasi – वाराणसीः सारनाथ में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव, घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने पाया काबू 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 23 Aug 2020 12:35 AM IST

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वाराणसी में जलनिगम की लापरवाही से जनता की जान पर बन आई। शाम को सारनाथ क्षेत्र के दीनापुर एसटीपी में क्लोरीन गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई। आसपास की बस्तियों में 150 लोगों का दम घुटने लगा। संयोग अच्छा कि उसी समय बारिश हो गई। इसके बाद प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगा। इसी बीच फायर ब्रिगेड के जवानों की मदद से सेफ्टी आपरेटर प्रशांत और अनिल श्रीवास्तव ने आक्सीजन सिलेंडर, मास्क लगाकर गैस सिलेंडर का रिसाव बंद कर दिया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। 

दरअसल, सीवर साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस की टंकी के वॉल्व से अचानक रिसाव शुरू हो गया। एसटीपी दीनापुर में शोधित मलजल में बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए क्लोरिनेशन टैंक बिल्डिंग में सुबह टेस्ट हुआ। शाम साढ़े छह बजे गैस का रिसाव शुरू होने से अफरातफरी मच गई।

आसपास की बस्तियों में लोगों का दम घुटने लगा। पुलिस ने सड़क किनारे के लोगों को दूर जाने की हिदायत दी। जलनिगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि क्लोरीन गैस के आठ सिलेंडर 900 किलो के रखे गये हैं। गैस का प्रभाव कैंपस में ही था। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रात 10 बजे तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। 

जल संस्थान की घटना से नहीं लिया सबक

जल संस्थान में बीते 5 जुलाई को क्लोरीन गैस के मामले में 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना के बाद भी जल निगम ने सबक नहीं लिया, जिसका खामियाजा आज उठाना पड़ा। नगर निगम के पुराने जानकारों में से एक कांग्रेस के पार्षद सीताराम केसरी ने बताया कि क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना बनारस में दूसरी बार हुई है। इस हादसे ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।

वाराणसी में जलनिगम की लापरवाही से जनता की जान पर बन आई। शाम को सारनाथ क्षेत्र के दीनापुर एसटीपी में क्लोरीन गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई। आसपास की बस्तियों में 150 लोगों का दम घुटने लगा। संयोग अच्छा कि उसी समय बारिश हो गई। इसके बाद प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगा। इसी बीच फायर ब्रिगेड के जवानों की मदद से सेफ्टी आपरेटर प्रशांत और अनिल श्रीवास्तव ने आक्सीजन सिलेंडर, मास्क लगाकर गैस सिलेंडर का रिसाव बंद कर दिया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। 

दरअसल, सीवर साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस की टंकी के वॉल्व से अचानक रिसाव शुरू हो गया। एसटीपी दीनापुर में शोधित मलजल में बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए क्लोरिनेशन टैंक बिल्डिंग में सुबह टेस्ट हुआ। शाम साढ़े छह बजे गैस का रिसाव शुरू होने से अफरातफरी मच गई।

आसपास की बस्तियों में लोगों का दम घुटने लगा। पुलिस ने सड़क किनारे के लोगों को दूर जाने की हिदायत दी। जलनिगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि क्लोरीन गैस के आठ सिलेंडर 900 किलो के रखे गये हैं। गैस का प्रभाव कैंपस में ही था। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रात 10 बजे तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। 

जल संस्थान की घटना से नहीं लिया सबक

जल संस्थान में बीते 5 जुलाई को क्लोरीन गैस के मामले में 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना के बाद भी जल निगम ने सबक नहीं लिया, जिसका खामियाजा आज उठाना पड़ा। नगर निगम के पुराने जानकारों में से एक कांग्रेस के पार्षद सीताराम केसरी ने बताया कि क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना बनारस में दूसरी बार हुई है। इस हादसे ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।

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