FIR registered against Abdul Mahmood rangrej who showing fake appointment letter as chairman of Jabalpur authority | जबलपुर: अध्यक्ष का फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर प्राधिकरण के अधिकारियों पर दवाब बनाने वाले पर FIR दर्ज

FIR registered against Abdul Mahmood rangrej who showing fake appointment letter as chairman of Jabalpur authority | जबलपुर: अध्यक्ष का फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर प्राधिकरण के अधिकारियों पर दवाब बनाने वाले पर FIR दर्ज

करण मिश्रा/जबलपुर: जबलपुर की ओमती थाना पुलिस ने खुद को दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बताने वाले जालसाज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है. 22 फरवरी 2020 को आरोपी अब्दुल महमूद रंगरेज खुद को जबलपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बताते हुए मध्य प्रदेश शासन का फर्जी नियुक्ति पत्र अधिकारियों सौंपा था. शक होने के बाद उसके खिलाफ प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है.

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जबलपुर के ओमती थाना के टीआई शिव प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि फर्जी नियुक्ति का आदेश पत्र दिखाकर जबलपुर विकास प्राधिकरण पर दबाव बनाने वाले आरोपी अब्दुल महमूद को धोखाधड़ी करने का आरोपी पाया गया है. इसलिए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 477 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. हालांकि अभी तक अब्दुल को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. लेकिन उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, जबलपुर के सराफा रोड फूटा ताल का रहने वाला अब्दुल महमूद रंगरेज फर्जी नियुक्ति आदेश पत्र जबलपुर विकास प्राधिकरण में दिखा कर अधिकारियों पर दबाव बनाया था. शक होने पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने राज्य सरकार को पत्र लिख कर आरोपी के बारे में जानकारी मांगी थी. इसके बाद 29 जून को सरकार ने जवाब देते हुए उसकी नियुक्ति को फर्जी बताया था, जिसके बाद उसके खिलाफ ओमती थाने में शिकायत की गई थी.

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प्रशासन पर भी उठ रहे सवाल
अब्दुल महमूद रंगरेज के फर्जी नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्राधिकरण के अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने पत्र कब लिखा? अगर सरकार को पत्र 22 फरवरी के बाद ही मिल गया तो जवाब देने में 4 महीने का समय क्यों लगा? क्या प्राधिकरण के अधिकारी और राज्य प्रशासन के लोग इतने बड़े फर्जीवाड़े के मामले में निष्क्रिय बने रहे?

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