In Gopalganj bridge approach path broken case Vashishta company falls Bihar’s politics overheated | गोपालगंज पुल एप्रोच पथ टूट मामले में वशिष्टा कंपनी पर गिरी गाज, गर्म हुई बिहार की सियासत

In Gopalganj bridge approach path broken case Vashishta company falls Bihar’s politics overheated | गोपालगंज पुल एप्रोच पथ टूट मामले में वशिष्टा कंपनी पर गिरी गाज, गर्म हुई बिहार की सियासत

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पटना: बिहार में गोपालगंज पुल के एप्रोच पथ टूट जाने के बाद से ही सियासत शुरू है. इस मामले पर पथ निर्माण मंत्री के इस्तीफे की मांग चल रही है. इस पर आरजेडी विधायक शक्ति यादव ने कहा कि गोपालगंज बेतिया को जोड़ने वाले पुल का एप्रोच पथ धराशाई हुआ है, जिस कंपनी वशिष्टा ने 70 घाट पुल का निर्माण किया था, उसी कंपनी ने इस पुल का भी निर्माण किया था.

अभी कुछ दिन बीते भी नहीं हैं और पुल लगातार धराशाई हो रहे हैं. इस कंपनी पर सरकार की क्या मेहरबानी है, पथ निर्माण मंत्री को बताना चाहिए.

नेता प्रतिपक्ष ने वशिष्टा कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने और कार्रवाई करने का बार-बार सरकार से सवाल किया था, दबाव भी दिया था, लेकिन सरकार का क्या मामला है, इस कंपनी से की कार्रवाई नहीं किया जा रहा है. पूल का एप्रोच ध्वस्त हुआ है यह भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना है.

इस मामले पर RLSP के प्रवक्ता माधव आनंद ने कहा कि बिहार के गोपालगंज में एक और एप्रोच रोड घोटाले की भेंट चढ़ गया है. महासेतु पर जो एप्रोच पथ बना था, उसमें भी दरार आ गया है. इसके कारण लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. उस एप्रोच रोड को बनाने वाला भी वशिष्टा कंपनी है.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बताएं क्या यही सुशासन है. 15 सालों में कितने घोटाले हुए वक्त आ गया है कि केंद्र सरकार को सीबीआई इंक्वायरी बैठाकर इसकी जांच करवानी चाहिए.

बिहार बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि गोपालगंज महासेतु के एप्रोच की मरम्मति का काम तेजी से जारी है. इसके उदघाटन के वक्त तेजस्वी मंत्री थे, हमलोग नेता विपक्ष से इस्तीफा नहीं मांगेंगे. इसपर गाड़ियो का आवागमन शीघ्र अति शीघ्र शुरु हो जाएगा. 

उन्होंने कहा कि सत्तरघाट पुलिया के एप्रोच रोड पर पैदल और टू-व्हीलर चलने लगा है. आज रात तक चार पहिया गाड़ियां भी चलने लगेंगी. कभी सड़कें ही नहीं थी, सड़कों पर बाढ़ का पानी बहता था. अब सड़कें ऊंची और बेहतर है. आवागमन बहुत आसान हुआ है.
 

निखिल आनंद ने कहा कि पहले 3.5 लाख क्युसेक फिर 4.5 लाख क्युसेक पानी का दबाव था. एनडीए सरकार काम करती है और विपक्ष प्रोपोगंडा फैलाता है.



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