Know about Country-wise Human trial Status of Covid-19 Vaccine Candidate | COVID-19: दुनिया में कौन सा देश वैक्‍सीन बनाने की रेस में कितना आगे?

Know about Country-wise Human trial Status of Covid-19 Vaccine Candidate | COVID-19: दुनिया में कौन सा देश वैक्‍सीन बनाने की रेस में कितना आगे?

नई दिल्‍ली: दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Infection) और मौतों के आंकड़े हर दिन एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं. ऐसे में इसके प्रसार को रोकने के हरसंभव प्रयासों के बीच सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इसका वैक्‍सीन कब आएगा? दुनिया के कई देश कोविड-19 वैक्‍सीन विकसित करने की दौड़ में हैं. इनमें से कौन सबसे पहले सारे परीक्षण पूरे करके दुनिया को इस बीमारी से बचाने के लिए वैक्‍सीन लाएगा, ये तो वक्‍त ही बताएगा. लेकिन कौन सा देश वैक्‍सीन बनाने के लिए किस प्‍लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है और वह हयूमन ट्रायल के किस चरण तक पहुंच गया है, इसे लेकर डब्‍ल्‍यूएचओ ने स्‍टेटस जारी किया है. इसमें भारत समेत दुनिया के 4 देश ऐसे हैं जो दो-दो वैक्‍सीन कैंडिडेट (COVID-19 Vaccine Candidate) पर काम कर रहे हैं.  

यूएसए – संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में मॉडर्ना इंक कंपनी  MRNA-1273 नाम से वैक्‍सीन बना रही है. यह वैक्‍सीन RNA प्‍लेटफॉर्म पर डेवलप हो रही है, जिसका हयूमन ट्रायल तीसरे चरण में है.  

वहीं यूएसए की ही कंपनी फाइजर, जर्मन कंपनी बायोएनटेक के साथ मिलकर भी एक वैक्‍सीन BNT-162 डेवलप कर रही है. RNA प्‍लेटफॉर्म पर ही विकसित हो रही इस वैक्‍सीन का पहले और दूसरे चरण का हयूमन ट्रायल हो चुका है और वह तीसरे चरण के लिए अनुमति मिलने का इंतजार कर रही है. 

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यूके – यूके में भी दो वैक्‍सीन डेवलप हो रही हैं. पहली वैक्‍सीन कैंडिडेट ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की AZD-1222 है. Non-replicating virus प्‍लेटफॉर्म पर डेवलप हो रही इस वैक्‍सीन ने हयूमन ट्रायल के पहले चरण के नतीजे हाल में जारी किए हैं. अब यह भारत में ट्रायल करने के लिए लाइसेंस मिलने का इंतजार कर रही है. 

इसी देश में Imperial Collage London की SELF-AMPIFYING RNA VACCINE हयूमन ट्रायल के पहले चरण में है. यह RNA प्‍लेटफॉर्म पर डेवलप हो रही है. 

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