Lipik Absent From Duty Without Information, Two Increament Cancelled – हरियाणा में 245 दिन स्कूल से बिना बताए गैरहाजिर रहा लिपिक, दो इंक्रीमेंट से धोने पड़े हाथ

Lipik Absent From Duty Without Information, Two Increament Cancelled – हरियाणा में 245 दिन स्कूल से बिना बताए गैरहाजिर रहा लिपिक, दो इंक्रीमेंट से धोने पड़े हाथ

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हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक को बिना बताए ड्यूटी से गैरहाजिर रहना भारी पड़ गया। सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने नियम-7 के तहत दोषी मानते हुए उसकी दो इंक्रीमेंट तत्काल प्रभाव से रोक दी हैं। दोषी लिपिक 2013 से 2015  के बीच 245 दिन तक ड्यूटी पर नहीं आया। जिस पर उसे 20 जनवरी 2015 को हरियाणा सिविल सेवा दंड एवं अपील नियमावली 1987 के नियम-7 के तहत चार्जशीट कर दिया गया था।

सेकेंडरी शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रशासन-1 सतिंद्र सिवाच ने 14 जुलाई को लिपिक पंकज कुमार को नियम-7 के तहत दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से दो इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धियां) रोकने के आदेश जारी किए हैं। लिपिक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई न कर नरम रुख अपनाया गया है। अब पंकज के वेतन से दो इंक्रीमेंट की कटौती कर ली जाएगी। जिस समय वह डयूटी से गैर हाजिर रहा, उस समय सीनियर सेकेंडरी स्कूल निंदाना, रोहतक में कार्यरत था।

वर्तमान में वह हिसार के ढाणी केन्डू स्थित स्कूल में कार्यरत है। संयुक्त निदेशक प्रशासन की ओर से जारी कार्रवाई आदेशानुसार, पंकज को कई बार डयूटी पर उपस्थित होने के लिए कहा, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। उसने प्राचार्य के आदेशों को न तो माना, न ही नोट किया। बार-बार स्पष्टीकरण मांगने पर उसने स्कूल को पत्रों का जवाब देना भी उचित नहीं समझा।
. पंकज ने चार्जशीट का जवाब 12 फरवरी 2015 को दिया। जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
. 7 अप्रैल 2015 को सेवानिवृत्त आईएएस एचपी चौधरी जांच अधिकारी नियुक्त किए गए।

. 12 अगस्त 2015 को जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट दी, जिसमें सभी आरोप सही पाए गए।
. रिपोर्ट पर लिपिक से जवाब मांगा गया, जो उसने 21 मई 2018 को दिया। जिसमें उसने कहा कि प्राचार्य ने उसे हाजिरी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज नहीं करने दी।

. 23 दिसंबर 2019 को संयुक्त निदेशक प्रशासन-1 ने लिपिक को निजी सुनवाई का मौका दिया। जिसमें उसके जवाब असंतोषजनक पाए गए।
. लिपिक के जवाब सही न होने पर जांच अधिकारी की रिपोर्ट अनुसार उसे नियम-7 के तहत दोषी मानकर 2 जुलाई 2020 को कार्रवाई कर दी गई। जिसके आदेश 14 जुलाई को जारी किए गए।

सार

  • सेकेंडरी शिक्षा विभाग ने विस्तृत जांच के बाद नियम-7 में माना दोषी
  • संयुक्त निदेशक प्रशासन ने नरम रुख अपनाते हुए नहीं की कड़ी कार्रवाई

विस्तार

हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक को बिना बताए ड्यूटी से गैरहाजिर रहना भारी पड़ गया। सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने नियम-7 के तहत दोषी मानते हुए उसकी दो इंक्रीमेंट तत्काल प्रभाव से रोक दी हैं। दोषी लिपिक 2013 से 2015  के बीच 245 दिन तक ड्यूटी पर नहीं आया। जिस पर उसे 20 जनवरी 2015 को हरियाणा सिविल सेवा दंड एवं अपील नियमावली 1987 के नियम-7 के तहत चार्जशीट कर दिया गया था।

सेकेंडरी शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रशासन-1 सतिंद्र सिवाच ने 14 जुलाई को लिपिक पंकज कुमार को नियम-7 के तहत दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से दो इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धियां) रोकने के आदेश जारी किए हैं। लिपिक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई न कर नरम रुख अपनाया गया है। अब पंकज के वेतन से दो इंक्रीमेंट की कटौती कर ली जाएगी। जिस समय वह डयूटी से गैर हाजिर रहा, उस समय सीनियर सेकेंडरी स्कूल निंदाना, रोहतक में कार्यरत था।

वर्तमान में वह हिसार के ढाणी केन्डू स्थित स्कूल में कार्यरत है। संयुक्त निदेशक प्रशासन की ओर से जारी कार्रवाई आदेशानुसार, पंकज को कई बार डयूटी पर उपस्थित होने के लिए कहा, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। उसने प्राचार्य के आदेशों को न तो माना, न ही नोट किया। बार-बार स्पष्टीकरण मांगने पर उसने स्कूल को पत्रों का जवाब देना भी उचित नहीं समझा।


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ऐसे चली जांच

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