New Consumer Law Is Coming Into Effect From 20th July, Jail To Be For Misleading Advertisements To Customers – अब ग्राहकों को ठगा तो खानी होगी जेल की हवा, आज से लागू होने जा रहा है नया उपभोक्ता कानून

New Consumer Law Is Coming Into Effect From 20th July, Jail To Be For Misleading Advertisements To Customers – अब ग्राहकों को ठगा तो खानी होगी जेल की हवा, आज से लागू होने जा रहा है नया उपभोक्ता कानून

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 20 Jul 2020 12:41 AM IST

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ग्राहकों को गुमराह करने वाले विज्ञापन देने वाली कंपनियों के सामने अब मुसीबत खड़ी होने वाली है। अगर कोई विज्ञापन गलत पाया जाता है तो उसके लिए जेल की सजा भी हो सकती है। दरअसल, केंद्र सरकार ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के कई प्रावधानों के बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है। यह 20 जुलाई से प्रभावी होगा। 
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इस नोटिफिकेशन के अनुसार, लोगों को गुमराह करने वाले विज्ञापन दिखाने पर जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। नए नियमों के तहत सबसे बड़ी राहत ग्राहकों को यह मिली है कि अब ग्राहक जहां रहता है वहीं से शिकायत दर्ज करा सकता है। इससे पहले ग्राहक को सामान खरीदने की जगह जाकर शिकायत करानी होती थी। 

ये नया कानून 34 साल पुराने 1986 के कानून की जगह लेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान पहले ही इस बारे में ट्वीट कर सूचना दे चुके हैं। बता दें कि नए उपभोक्ता कानून को 9 अगस्त 2019 को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से हरी झंडी मिल गई थी, जो अब 20 जुलाई से लागू होगा। 

नए प्रावधानों के तहत ग्राहक निर्माता और विक्रेता को कोर्ट में घसीट सकता है। वह उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर मुआवजे की मांग भी कर सकता है। दोषी पाए जाने पर कोर्ट की तरफ से निर्माता या विक्रेता पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।

देशभर की उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों को हल करने के लिए भी इस अधिनियम को बनाया गया था। नए कानून में उपभोक्ता शिकायतों को तेजी से हल करने के तरीके और साधन दोनों का प्रावधान किया गया है। 24 दिसंबर 1986 को देश में पहला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 बना था।

ग्राहकों को गुमराह करने वाले विज्ञापन देने वाली कंपनियों के सामने अब मुसीबत खड़ी होने वाली है। अगर कोई विज्ञापन गलत पाया जाता है तो उसके लिए जेल की सजा भी हो सकती है। दरअसल, केंद्र सरकार ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के कई प्रावधानों के बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है। यह 20 जुलाई से प्रभावी होगा। 

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इस नोटिफिकेशन के अनुसार, लोगों को गुमराह करने वाले विज्ञापन दिखाने पर जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। नए नियमों के तहत सबसे बड़ी राहत ग्राहकों को यह मिली है कि अब ग्राहक जहां रहता है वहीं से शिकायत दर्ज करा सकता है। इससे पहले ग्राहक को सामान खरीदने की जगह जाकर शिकायत करानी होती थी। 

ये नया कानून 34 साल पुराने 1986 के कानून की जगह लेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान पहले ही इस बारे में ट्वीट कर सूचना दे चुके हैं। बता दें कि नए उपभोक्ता कानून को 9 अगस्त 2019 को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से हरी झंडी मिल गई थी, जो अब 20 जुलाई से लागू होगा। 

नए प्रावधानों के तहत ग्राहक निर्माता और विक्रेता को कोर्ट में घसीट सकता है। वह उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर मुआवजे की मांग भी कर सकता है। दोषी पाए जाने पर कोर्ट की तरफ से निर्माता या विक्रेता पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।

देशभर की उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों को हल करने के लिए भी इस अधिनियम को बनाया गया था। नए कानून में उपभोक्ता शिकायतों को तेजी से हल करने के तरीके और साधन दोनों का प्रावधान किया गया है। 24 दिसंबर 1986 को देश में पहला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 बना था।

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