Op Dhankar Lottery As State President Of Bjp Haryana – कैप्टन और सीएम की रस्साकशी में धनखड़ की निकली लॉटरी और हुई दमदार एंट्री, बदलेंगे समीकरण

Op Dhankar Lottery As State President Of Bjp Haryana – कैप्टन और सीएम की रस्साकशी में धनखड़ की निकली लॉटरी और हुई दमदार एंट्री, बदलेंगे समीकरण

[ad_1]

ओम प्रकाश धनखड़
– फोटो : फाइल फोटो

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

हरियाणा में लंबे समय से चली आर रही खींचतान के बीच प्रदेश अध्यक्ष का फैसला हो गया है। सुभाष बराला के स्थान पर पूर्व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ को आलाकमान ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। अमित शाह की पहली पसंद होने के बावजूद कैप्टन अभिमन्यु की बात नहीं बन पाई। अंदरखाते मुख्यमंत्री मनोहर लाल कैप्टन अभिमन्यु को किसी कीमत पर नहीं चाह रहे थे।

इस रस्साकशी में धनखड़ के नाम पर सहमति बनी और धनखड़ की संगठन के माध्यम से हरियाणा की सक्रिय राजनीति में दमदार वापसी हुई है। बादली से चुनाव हारने के बाद से यह बात चल रही थी कि धनखड़ को एडजस्ट करना है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वासपात्र होने और जेपी नड्डा के साथ नजदीकियां धनखड़ के काम आईं।

जल्द ही हरियाणा में संगठन को मजबूत करने की कवायद में धनखड़ जुटे हुए नजर आएंगे। फिलहाल जाट चेहरे को पार्टी का अध्यक्ष बनाने के बाद अब मंत्रिमंडल में एडजस्टमेंट के समीकरण बदल गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में नान जाट चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। हरियाणा सरकार में फिलहाल दो मंत्री बनने हैं। जिसमें से एक पद जजपा के खाते में और एक पद भाजपा के खाते में जाएगा।

ऐसे में नान परफार्मिंग मंत्रियों को किनारे कर सरकार कुछ नए चेहरों को आगे लाने की तैयारी कर रही है। दो पद पहले से ही खाली हैं। दो और नियुक्तियों पर कैंची चल सकती है। पिछली सरकार में भी दो मंत्रियों का काम संतोषजनक न होने के कारण उन्हें हटाया गया था। बहरहाल जुलाई के बाद किसी भी समय मंत्रिमंडल विस्तार संभव है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि ओम प्रकाश धनखड़ का और मेरा पुराना साथ है। हमने एक दूसरे के साथ लंबे समय तक काम किया है। आज सुबह राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोन आया है कि धनखड़ को प्रदेश अध्यक्ष बना रहे हैं। मैंने तुरंत अपनी सहमति प्रदान कर दी। इसके बाद आधे घंटे में घोषणा हो गई और मैंने धनखड़ को बधाई दे दी।

मंत्रिमंडल विस्तार जब भी होगा बता दिया जाएगा। गठबंधन सरकार में दोनों घटक बैठ कर तय कर लेंगे कि किसे-किसे मंत्री बनाना है। जब भी निर्णय होगा बता दिया जाएगा।
– मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा

सार

  • सक्रिय राजनीति में संगठन के जरिए धनखड़ की हुई दमदार एंट्री
  • प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद एडजस्टमेंट के समीकरण बदले
  • अब मंत्रिमंडल में नान जाट चेहरों को वरीयता देगा आलाकमान

विस्तार

हरियाणा में लंबे समय से चली आर रही खींचतान के बीच प्रदेश अध्यक्ष का फैसला हो गया है। सुभाष बराला के स्थान पर पूर्व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ को आलाकमान ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। अमित शाह की पहली पसंद होने के बावजूद कैप्टन अभिमन्यु की बात नहीं बन पाई। अंदरखाते मुख्यमंत्री मनोहर लाल कैप्टन अभिमन्यु को किसी कीमत पर नहीं चाह रहे थे।

इस रस्साकशी में धनखड़ के नाम पर सहमति बनी और धनखड़ की संगठन के माध्यम से हरियाणा की सक्रिय राजनीति में दमदार वापसी हुई है। बादली से चुनाव हारने के बाद से यह बात चल रही थी कि धनखड़ को एडजस्ट करना है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वासपात्र होने और जेपी नड्डा के साथ नजदीकियां धनखड़ के काम आईं।

जल्द ही हरियाणा में संगठन को मजबूत करने की कवायद में धनखड़ जुटे हुए नजर आएंगे। फिलहाल जाट चेहरे को पार्टी का अध्यक्ष बनाने के बाद अब मंत्रिमंडल में एडजस्टमेंट के समीकरण बदल गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में नान जाट चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। हरियाणा सरकार में फिलहाल दो मंत्री बनने हैं। जिसमें से एक पद जजपा के खाते में और एक पद भाजपा के खाते में जाएगा।

ऐसे में नान परफार्मिंग मंत्रियों को किनारे कर सरकार कुछ नए चेहरों को आगे लाने की तैयारी कर रही है। दो पद पहले से ही खाली हैं। दो और नियुक्तियों पर कैंची चल सकती है। पिछली सरकार में भी दो मंत्रियों का काम संतोषजनक न होने के कारण उन्हें हटाया गया था। बहरहाल जुलाई के बाद किसी भी समय मंत्रिमंडल विस्तार संभव है।


आगे पढ़ें

सीएम की सुबह हुई थी नड्डा से बात

[ad_2]

Source link

Related articles

Leave a Reply