Rajasthan Political Crisis: Three Audio Clip Viral, Rupee-money Talk Between Mla And Middleman – राजस्थान संकट: विधायक और बिचौलिए के बीच लेन-देन का ऑडियो क्लिप वायरल

Rajasthan Political Crisis: Three Audio Clip Viral, Rupee-money Talk Between Mla And Middleman – राजस्थान संकट: विधायक और बिचौलिए के बीच लेन-देन का ऑडियो क्लिप वायरल

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अशोक गहलोत-सचिन पायलट (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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राजस्थान की सियासत में रोज नए मोड़ आ रहे हैं, जिससे राजनीति और भी ज्यादा गरमाती जा रही है। अब प्रदेश में तीन ऑडियो क्लिप वायरल हो रही हैं। इनमें विधायक और बिचौलिए के बीच रुपए-पैसे की बात हो रही है। इससे माना जा रहा है कि बीते सात दिनों से चल रहे सियासी संकट के दौरान सरकार गिराने और सत्ता पर काबिज होने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश तक की गई।

दरअसल, एक स्थानीय समाचार चैनल पर यह क्लिप प्रसारित की गई। इसमें दावा किया गया कि एक बिलौचिए और एक विधायक के बीच की यह बातचीत है। इसमें पायलट और एक केंद्रीय मंत्री जिक्र है। इस दौरान रुपये-पैसे की भी बात हो रही है। कहा जा रहा है कि ऑडियो क्लिप राजस्थान सरकार की तरफ से ही जारी की गई है।

बता दें कि बीते बुधवार को ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया था कि उनके पास पायलट खेमे की सौदेबाजी का पुख्ता सबूत है। सिर्फ यही नहीं गहलोत शुरू से ही कहते आ रहे हैं कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश में लगी है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि सचिन पायलट के हाथ में कुछ भी नहीं है। हालांकि बीजेपी ने लगातार इससे इनकार किया है।

हाईकोर्ट में बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई से पहले यह ऑडियो क्लिप वायरल हुई हैं। बता दें कि शुक्रवार दोपहर एक बजे हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसके बाद शाम को स्पीकर सीपी जोशी इस बात पर फैसला ले सकते हैं कि बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किया जाए या नहीं।

अगर विधायक अयोग्य घोषित होते हैं तो गहलोत सरकार बड़े आराम से बहुमत साबित कर पाएगी, हालांकि ये अयोग्य साबित नहीं भी होते तो भी सरकार नहीं गिरेगी। यह जरूर है कि विरोधियों को जोड़तोड़ का मौका मिल जाएगा।

बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने तब खुलेआम बगावत कर दी जब उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार अल्पमत में है क्योंकि 30 विधायक उनके साथ हैं। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें काफी मनाने की कोशिश की, परंतु वह नहीं माने।

जयपुर में विधायक दल की दो-दो बैठकें हुईं लेकिन पायलट इनमें से एक में भी नहीं पहुंचे। अंत में कांग्रेस पार्टी ने उनसे प्रदेश अध्यक्ष का पद छीन लिया और उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद से हटा दिया गया।

ऑडियो क्लिप मामले में एक गिरफ्तार
एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद राजस्थान पुलिस भी हरकत में आ गई है। प्रदेश पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इस मामले में संजय जैन नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, विधायकों की खरीद-फरोख्त के सिलसिले में जैन से कांग्रेस पार्टी के एक विधायक संपर्क में थे। बता दें कि इस पूरे राजनीतिक संकट की जड़ में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की ओर से 10 जुलाई को सचिन पायलट को जारी किए गए नोटिस को अहम कारण बताया जा रहा है।

वायरल हो रही ऑडियो क्लिप फर्जी: कांग्रेस विधायक
वायरल हुई ऑडियो क्लिप फर्जी हैं। सीएम के विशेष कर्तव्य पर अधिकारी लोकेश शर्मा नकली ऑडियो क्लिप के माध्यम से विधायकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि सीएम संकट और निराशा में हैं। -भंवर लाल शर्मा, कांग्रेस विधायक, ऑडियो क्लिप पर बोलते हुए  

राजस्थान का सियासी घमासान बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट पहुंच गया। राजस्थान विधानसभा स्पीकर द्वारा निचले सदन की सदस्यता खत्म करने को लेकर जारी नोटिस को रद्द कराने के लिए सचिन पायलट समेत कांग्रेस के 19 बागी विधायक हाईकोर्ट पहुंचे। अब इस मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ शुक्रवार को सुनवाई करेगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती करेंगे।

इससे पहले दिन में राजस्थान हाईकोर्ट के जज सतीश चंद्र शर्मा की कोर्ट में बृहस्पतिवार को ऑनलाइन सुनवाई के दौरान पायलट खेमे की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने याचिका में संशोधन के लिए समय मांगा, जिसकी कोर्ट ने मंजूरी दे दी। बाद में शाम पांच बजे संशोधित याचिका दाखिल कर दी गई, जिसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को खंडपीठ के पास भेज दिया।

सुनवाई के दौरान साल्वे ने कहा, सभी विधायक नोटिस की सांविधानिक वैधता को चुनौती देना चाहते हैं, जिसके लिए कुछ वक्त दिए जाने की जरूरत है। इसके बाद जज ने नई याचिका के लिए विधायकों को समय दे दिया। अब इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की खंडपीठ करेगी।

वहीं, कांग्रेस की ओर से चीफ व्हिप महेश जोशी भी कोर्ट पहुंचे और कोर्ट से अपील की कि बिना उन्हें सुने आदेश जारी न करें। वहीं, पायलट खेमे के वकील हरीश साल्वे ने कहा, सदन से बाहर की कार्रवाई के लिए विधानसभा स्पीकर नोटिस जारी नहीं कर सकते।

नोटिस की सांविधानिक वैधता नहीं है। इस दौरान कोर्ट से दो जजों की पीठ की मांग की गई। उल्लेखनीय है कि बुधवार को स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने सचिन पायलट समेत 19 कांग्रेस विधायकों को नोटिस भेजकर शुक्रवार तक जवाब देने को कहा है।

महेश जोशी ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत की थी कि ये विधायक पार्टी विधायक दल की बैठक से बिना सूचना दिए गैरहाजिर रहे, जबकि पार्टी ने व्हिप जारी किया था। इन पर दल-बदल कानून लागू होता है। इसके तहत विधायकों की सदस्यता खत्म किए जाने का प्रावधान है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा है कि अगर सचिन पायलट का राजनीतिक भविष्य कांग्रेस में ही है। वह भी इस हकीकत को जानते हैं। मोइली ने कहा, कांग्रेस में रहकर पायलट ने सब कुछ हासिल किया। वह यूपीए-2 शासन में सांसद रहे, केंद्रीय मंत्री रहे, राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और डिप्टी चीफ मिनिस्टर रहे, जो भी चाहा उन्हें मिला।

अगर कोई समस्या थी तो उसे पार्टी के मंच के भीतर ही सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा, पायलट मुख्यमंत्री नहीं हो सकते थे। हाईकमान ने मध्य प्रदेश या राजस्थान के लिए एक पर्यवेक्षक भेजा था, जिसने विधायकों की राय ली थी। जिस नेता को चुने हुए विधायकों का समर्थन हासिल है, उसे ही मुख्यमंत्री बनाया गया।

भाजपा में नहीं जाने के सचिन पायलट के दावे को लेकर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, पायलट का कहना है कि मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रहा हूं और उनकी छवि खराब करने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

मुझे लगता है कि हरियाणा के मानेसर के एक होटल में बागी कांग्रेसी विधायक भाजपा की निगरानी में छुट्टियां मना रहे हैं। लेकिन घर वापसी का क्या? इससे पहले किए गए ट्वीट में सिब्बल ने पार्टी को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने ट्वीट किया, हम अपनी पार्टी को लेकर चिंतित हैं। क्या हम तभी जागेंगे, जब घोड़े अस्तबल से बाहर निकल आएंगे।

राजस्थान की नागौर लोकसभा सीट से सांसद और राजस्थान में भाजपा के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने वसुंधरा राजे पर हमला करते हुए ट्वीट किया, वसुंधरा राजे ने राजस्थान कांग्रेस में अपने करीबी विधायकों से फोन करके उन्हें गहलोत का साथ देने की बात कही है।

सीकर व नागौर जिले के एक-एक जाट विधायकों को राजे ने खुद बात करके पायलट से दूरी बनाने को कहा है। इसके पुख्ता प्रमाण हमारे पास हैं। उन्होंने कहा, प्रदेश और देश की जनता वसुंधरा-गहलोत के आंतरिक गठजोड़ की कहानी को समझ चुकी है। सांसद ने अपने ट्वीट में गृहमंत्री अमित शाह, उनके दफ्तर, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, राजस्थान भाजपा को टैग भी किया है।

राजस्थान की सियासत में रोज नए मोड़ आ रहे हैं, जिससे राजनीति और भी ज्यादा गरमाती जा रही है। अब प्रदेश में तीन ऑडियो क्लिप वायरल हो रही हैं। इनमें विधायक और बिचौलिए के बीच रुपए-पैसे की बात हो रही है। इससे माना जा रहा है कि बीते सात दिनों से चल रहे सियासी संकट के दौरान सरकार गिराने और सत्ता पर काबिज होने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश तक की गई।

दरअसल, एक स्थानीय समाचार चैनल पर यह क्लिप प्रसारित की गई। इसमें दावा किया गया कि एक बिलौचिए और एक विधायक के बीच की यह बातचीत है। इसमें पायलट और एक केंद्रीय मंत्री जिक्र है। इस दौरान रुपये-पैसे की भी बात हो रही है। कहा जा रहा है कि ऑडियो क्लिप राजस्थान सरकार की तरफ से ही जारी की गई है।

बता दें कि बीते बुधवार को ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया था कि उनके पास पायलट खेमे की सौदेबाजी का पुख्ता सबूत है। सिर्फ यही नहीं गहलोत शुरू से ही कहते आ रहे हैं कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश में लगी है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि सचिन पायलट के हाथ में कुछ भी नहीं है। हालांकि बीजेपी ने लगातार इससे इनकार किया है।

हाईकोर्ट में बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई से पहले यह ऑडियो क्लिप वायरल हुई हैं। बता दें कि शुक्रवार दोपहर एक बजे हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसके बाद शाम को स्पीकर सीपी जोशी इस बात पर फैसला ले सकते हैं कि बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किया जाए या नहीं।

अगर विधायक अयोग्य घोषित होते हैं तो गहलोत सरकार बड़े आराम से बहुमत साबित कर पाएगी, हालांकि ये अयोग्य साबित नहीं भी होते तो भी सरकार नहीं गिरेगी। यह जरूर है कि विरोधियों को जोड़तोड़ का मौका मिल जाएगा।

बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने तब खुलेआम बगावत कर दी जब उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार अल्पमत में है क्योंकि 30 विधायक उनके साथ हैं। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें काफी मनाने की कोशिश की, परंतु वह नहीं माने।

जयपुर में विधायक दल की दो-दो बैठकें हुईं लेकिन पायलट इनमें से एक में भी नहीं पहुंचे। अंत में कांग्रेस पार्टी ने उनसे प्रदेश अध्यक्ष का पद छीन लिया और उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद से हटा दिया गया।

ऑडियो क्लिप मामले में एक गिरफ्तार
एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद राजस्थान पुलिस भी हरकत में आ गई है। प्रदेश पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इस मामले में संजय जैन नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, विधायकों की खरीद-फरोख्त के सिलसिले में जैन से कांग्रेस पार्टी के एक विधायक संपर्क में थे। बता दें कि इस पूरे राजनीतिक संकट की जड़ में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की ओर से 10 जुलाई को सचिन पायलट को जारी किए गए नोटिस को अहम कारण बताया जा रहा है।

वायरल हो रही ऑडियो क्लिप फर्जी: कांग्रेस विधायक
वायरल हुई ऑडियो क्लिप फर्जी हैं। सीएम के विशेष कर्तव्य पर अधिकारी लोकेश शर्मा नकली ऑडियो क्लिप के माध्यम से विधायकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि सीएम संकट और निराशा में हैं। -भंवर लाल शर्मा, कांग्रेस विधायक, ऑडियो क्लिप पर बोलते हुए  


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राजस्थान का सियासी घमासान पहुंचा हाईकोर्ट, सुनवाई आज

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