Seeds Spraying From Drone In Many Inaccessible Areas Of Haryana – हरियाणा: हरियाली बढ़ाने का नया तरीका, दुर्गम स्थानों पर ड्रोन से बरसाए जाएंगे बीज

Seeds Spraying From Drone In Many Inaccessible Areas Of Haryana – हरियाणा: हरियाली बढ़ाने का नया तरीका, दुर्गम स्थानों पर ड्रोन से बरसाए जाएंगे बीज

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साढौरा (यमुनानगर)
Updated Fri, 17 Jul 2020 09:21 PM IST

दुर्गम क्षेत्रों में ड्रोन से होगा बीजों का छिड़काव।

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हरियाणा में कई ऐसे दुर्गम इलाके हैं जहां पर पेड़ पौधे लगाना संभव नहीं है। ऐसे पहाड़, जंगल, नदी व नालों के किनारे ड्रोन से बीज गिराने की योजना शुरू की गई है। ताकि मानसून के दौरान बीज पौधों के रूप में अंकुरित हों और फिर पेड़ बन जाएं। हरियाणा के वन एवं शिक्षा मंत्री कवर पाल गुर्जर ने साढौरा ब्लॉक के टिब्बी गांव में ड्रोन से पहाड़ी इलाकों में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों के बीजों का छिड़काव कर इसका उद्घाटन किया।

550 हेक्टेयर में यह बीज गिराए गए। जिससे आने वाले समय में लाखों पेड़ पौधे उगेंगे और हरियाली बढ़ेगी। इस अवसर पर वन विभाग की प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर अमरिंदर कौर, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) विनोद कुमार, मुख्य वन संरक्षक उत्तरी परिमण्डल अंबाला जी. रमण, बिलासपुर के एसडीएम नवीन आहूजा, उप वन संरक्षक यमुनानगर सुरजभान, वन मण्डल अधिकारी पवन शर्मा, मुख्य प्रचार अधिकारी धर्मवीर, वन राजिक अधिकारी प्रवीण यादव, रेंज अधिकारी कर्ण धीमान, सढौरा झण्डा गांव के सरपंच आदि मौजूद रहे।

वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने बताया कि ऐसे बहुत से इलाके हैं जहां जमीन खाली है लेकिन वहां पहुंचना संभव नहीं है। वहां आईटी के छात्रों द्वारा विशेष रूप से बनाए गए ड्रोन के माध्यम से बीज गिराए जाएंगे। हर जिले में अलग-अलग तरह की विशेषताएं हैं। कहीं ऐतिहासिक स्थल हैं तो कहीं धार्मिक स्थल है। सरकार हर जिले में डॉक्यूमेंट्री तैयार करेगी ताकि बाहर से आने वाले व्यक्ति को पता चल सके कि इस जिले में कौन से धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल हैं, और कहां नेचुरल ब्यूटी है। ताकि वह उसी हिसाब से अपना घूमने का कार्यक्रम तय कर सकें।

वन विभाग की प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर डॉ. अमरेंद्र कौर ने बताया कोरोना महामारी के इस युग में हमें समझ में आया है कि कुदरत के साथ जुड़े रहकर ही हम अपना बचाव कर सकते हैं। इसी के दृष्टिगत प्रदेशभर में कोविड विजय वाटिका बनाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे 13500 पौधे टिब्बी गांव में लगाए जा रहे हैं। पंचकूला, रायपुररानी, महेंद्रगढ़ के अरावली की पहाड़ियां, बड़खल लेक सहित अन्य इलाकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

कोविड वाटिका का उद्घाटन भी किया
वन मंत्री ने गांव झंडा में शिव मंदिर परिसर में औषधीय पौधा लगाकर कोविड वाटिका का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों के सहयोग से पंचायती भूमि, संस्थानीय भूमि तथा मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्धारों में व अन्य सार्वजनिक स्थानो पर औषधीय व  अन्य प्रकार के पौधे लगाए जा रहे है। कोविड विजय वाटिका में जड़ी बूटियों से संबंधित पेड़ पौधे लगाए जाने से यहां पर रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य सुधरेगा वह बीमारियों से निजात दिलाएंगे। वहीं पूरे प्रदेश में 1126 गांव में पेड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है लगभग 50 गांव हर जिले से लिए गए हैं।

सार

  • यमुनानगर में वन मंत्री ने किया योजना का शुभारंभ 
  • कई पहाड़ी इलाकों में ड्रोन से बीजों का छिड़काव

विस्तार

हरियाणा में कई ऐसे दुर्गम इलाके हैं जहां पर पेड़ पौधे लगाना संभव नहीं है। ऐसे पहाड़, जंगल, नदी व नालों के किनारे ड्रोन से बीज गिराने की योजना शुरू की गई है। ताकि मानसून के दौरान बीज पौधों के रूप में अंकुरित हों और फिर पेड़ बन जाएं। हरियाणा के वन एवं शिक्षा मंत्री कवर पाल गुर्जर ने साढौरा ब्लॉक के टिब्बी गांव में ड्रोन से पहाड़ी इलाकों में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों के बीजों का छिड़काव कर इसका उद्घाटन किया।

550 हेक्टेयर में यह बीज गिराए गए। जिससे आने वाले समय में लाखों पेड़ पौधे उगेंगे और हरियाली बढ़ेगी। इस अवसर पर वन विभाग की प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर अमरिंदर कौर, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) विनोद कुमार, मुख्य वन संरक्षक उत्तरी परिमण्डल अंबाला जी. रमण, बिलासपुर के एसडीएम नवीन आहूजा, उप वन संरक्षक यमुनानगर सुरजभान, वन मण्डल अधिकारी पवन शर्मा, मुख्य प्रचार अधिकारी धर्मवीर, वन राजिक अधिकारी प्रवीण यादव, रेंज अधिकारी कर्ण धीमान, सढौरा झण्डा गांव के सरपंच आदि मौजूद रहे।

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