Serious Allegation On Chandigarh Police In Anonymous Letter, Who Viral On Social Media – चंडीगढ़ पुलिस पर छुट्टी देने के नाम पर छेड़छाड़ का आरोप, गुमनाम चिट्ठी से सनसनीखेज खुलासा

Serious Allegation On Chandigarh Police In Anonymous Letter, Who Viral On Social Media – चंडीगढ़ पुलिस पर छुट्टी देने के नाम पर छेड़छाड़ का आरोप, गुमनाम चिट्ठी से सनसनीखेज खुलासा

[ad_1]

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 17 Jul 2020 12:23 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

चंडीगढ़ पुलिस के जवानों ने अब कोई भी दिक्कत होने पर गुमनाम चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल कर अपनी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का एक आसान तरीका अपनाया है। ऐसा ही एक मामला एक बार फिर सामने आया है। ऑपरेशन सेल की एक महिला कॉन्स्टेबल ने दो पुलिसकर्मियों पर छुट्टी देने का लालच देकर शारीरिक छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप लगाया गया है। 

वायरल चिट्ठी जब अफसरों तक पहुंची तो इंक्वायरी मार्क कर केस को डीएसपी रश्मि यादव को सौंप दिया गया। हालांकि, इस चिट्ठी में कितनी सच्चाई है, जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि चिट्ठी किसने लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल की। 

सोशल मीडिया पर वायरल चिट्ठी में लिखा है कि डीजीपी साहब मैं लेडी कांस्टेबल ऑपरेशन सेल में तैनात हूं। ऑपरेशन सेल का माहौल दो सीनियर कांस्टेबल ने इतना खराब कर रखा है कि यहां नौकरी करना मुश्किल हो गया है। ये दोनों कांस्टेबल तय करते हैं कि कब कौन कहां ड्यूटी करेगा और कब कितनी व किसे रेस्ट दी जाएगी। इस दौरान पुलिसकर्मी ने उससे शारीरिक छेड़छाड़ की कोशिश कर कहा कि रेस्ट दिला दूंगा। ये दोनों पुलिसकर्मी पिछले 8 से 10 साल से ऑपरेशन सेल में ही तैनात हैं। ये पुलिसकर्मी कभी भी किसी के साथ बदतमीजी करते हैं, क्योंकि इन्हें लगता है कि यह इनका मौलिक अधिकार है। शाम 7-8 बजते ही ऑपरेशन सेल में शराब पीने बैठ जाते हैं, जिसकी वजह से यहां का टॉयलेट भी नहीं यूज कर सकती। 

शराब पीने के दौरान ऊंची आवाज में गालियां देते हैं। यह लेटर इस वजह से लिखने की जरूरत पड़ी, क्योंकि डीजीपी साहब ने एक सभा में कहा था कि आप सेक्टर-9 पर भरोसा करें, इसलिए मैंने अर्जी लिखी है क्योंकि हमारे पास और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। अगर यह अर्जी ऑपरेशन सेल में आती है तो हमें मजबूरन इनके पक्ष में बयान देने पड़ेंगे क्योंकि हम अपनी अस्मिता नहीं खोना चाहते। 

मेरी लिखी गई बात पूरी तरह से सच है। ये पूरे चंडीगढ़ में बदनाम हैं। यहां एक व्यक्ति सीट पर करीब 10 साल तक रह सकता है, क्या हम इंसान नहीं, हमारे कोई अधिकार नहीं, क्या हम शोषण के लिए नौकरी करते हैं, क्या ये लोग पुलिस इमेज को प्रभावित नहीं करते हैं, हो सकता है यह बात बुरी लगे पर क्या हम अपने न्याय की गुहार नहीं लगा सकते। उम्मीद है कि आप न्याय दिलाएंगे।

पहले भी वायरल होती रही है ऐसी चिट्ठी
इससे पहले भी सोशल मीडिया पर इस तरह की चिट्ठी वायरल होती रहती है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिट्ठी में पीओ व सम्मन सेल में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों के फरलो मारने की बात लिखी गई थी। इसके बाद आला अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेते हुए करीब 10 पुलिसकर्मियों की सेक्टर-26 बापूधाम में ड्यूटी लगा दी थी।

सार

  • पुलिस उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला आते ही जांच डीएसपी रश्मि यादव को सौंपी
  • डीजीपी को गुमनाम चिट्ठी लिखकर लेडी कॉन्स्टेबल ने कहा- आरोपी करते हैं बदतमीजी

विस्तार

चंडीगढ़ पुलिस के जवानों ने अब कोई भी दिक्कत होने पर गुमनाम चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल कर अपनी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का एक आसान तरीका अपनाया है। ऐसा ही एक मामला एक बार फिर सामने आया है। ऑपरेशन सेल की एक महिला कॉन्स्टेबल ने दो पुलिसकर्मियों पर छुट्टी देने का लालच देकर शारीरिक छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप लगाया गया है। 

वायरल चिट्ठी जब अफसरों तक पहुंची तो इंक्वायरी मार्क कर केस को डीएसपी रश्मि यादव को सौंप दिया गया। हालांकि, इस चिट्ठी में कितनी सच्चाई है, जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि चिट्ठी किसने लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल की। 

सोशल मीडिया पर वायरल चिट्ठी में लिखा है कि डीजीपी साहब मैं लेडी कांस्टेबल ऑपरेशन सेल में तैनात हूं। ऑपरेशन सेल का माहौल दो सीनियर कांस्टेबल ने इतना खराब कर रखा है कि यहां नौकरी करना मुश्किल हो गया है। ये दोनों कांस्टेबल तय करते हैं कि कब कौन कहां ड्यूटी करेगा और कब कितनी व किसे रेस्ट दी जाएगी। इस दौरान पुलिसकर्मी ने उससे शारीरिक छेड़छाड़ की कोशिश कर कहा कि रेस्ट दिला दूंगा। ये दोनों पुलिसकर्मी पिछले 8 से 10 साल से ऑपरेशन सेल में ही तैनात हैं। ये पुलिसकर्मी कभी भी किसी के साथ बदतमीजी करते हैं, क्योंकि इन्हें लगता है कि यह इनका मौलिक अधिकार है। शाम 7-8 बजते ही ऑपरेशन सेल में शराब पीने बैठ जाते हैं, जिसकी वजह से यहां का टॉयलेट भी नहीं यूज कर सकती। 

[ad_2]

Source link

Related articles

Leave a Reply